सोमवार, 1 अक्तूबर 2012

दावा

 मैं उसे उस राह  पर छोड़ आया था
जहाँ से आगे जाने के सारे रास्ते बंद थे
मैंने उससे प्यार किया था
मेरी अपनी कुछ मजबूरियां थीं
कमजोरियां थीं
मैं लौट आया था स्वजनों के नेह में
उसे वीराने में छोड़
तन्हाइयों  के साथ रोने  व  सिसकने  के लिए
दोस्तों, आज  भी मैं दावा करता हूँ
मैंने उससे प्यार किया था /

2 टिप्‍पणियां:

  1. badhai ho aapke es kabita par kya bebak aapne sachai ko ugli hai badhai ki patra hai.subhkamnaye

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  2. Jaldi hni kabita sangrha logo ke hanth me hoga, lage rahe bharat ki agrani senaniya.

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